दुबई में अचानक हुई मूसलाधार बारिश कोई सामान्य घटना नहीं है। भयंकर बारिश के कारण यूएई में हवाई, मेट्रो और सड़क यातायात ठप हो गए हैं। स्कूल, कॉलेज, बाजारों और मॉल व दफ्तरों को बंद कर दिया गया है। सड़कों, हवाई अड्डों और मेट्रो ट्रैक पर पानी भर गया है। 75 वर्षों में हुई यह सबसे तेज बारिश है।
संयुक्त अरब अमीरात के कई हिस्सों में सोमवार देर रात मंगलवार सुबह तक भारी बारिश होने के कारण वहां बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
संयुक्त अरब अमीरात में मौसम के बदले हुए मिजाज ने लोगों की मुसीबतों में इजाफा कर दिया है। दुबई समेत कई शहरों में हुई भारी बारिश के चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसा कोई दिन नहीं जाता होगा जब आपको डॉली चायवाले का कोई वीडियो या उससे जुड़ा कोई पोस्ट देखने को ना मिले। डॉली चायवाला आज के समय में सोशल मीडिया स्टार बन चुका है।
दुबई में सबसे तेज उड़ने को लेकर एक रेस का आयोजन हुआ। जिसमें लोग जेट सूट पहनकर आसमान में उड़ते हुए नजर आए। इस रेस को दुबई स्पोर्ट्स काउंसिल और द ग्रेविटी कंपनी ने आयोजित किया था।
दुबई की एक अदालत ने नेपाल के एक चौकीदार बहादुर सिंह की हत्या के आरोप में पांच कर्मचारियों को 25 साल जेल की सजा सुनाई थी। इनमें से 4 वापस भारत आ गए। एक के जल्द आने की संभावना है।
दुनिया का सबसे ज्यादा व्यस्त इंटरनेशनल एयरपोर्ट बना मिडिल ईस्ट के देश यूएई का दुबई हवाई अड्डा। एक साल में जानें कितने करोड़ लोगों ने यहां से यात्रा की है।
ILT20 2024 का खिताब एमआई एमिरेट्स ने दुबई कैपिटल्स को 45 रनों से हराकर जीत लिया है। एमआई के लिए कप्तान निकोलस पूरन ने बेहतरीन पारी खेली।
यह मार्ट भारत के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को खाड़ी, पश्चिम एशिया, अफ्रीका और यूरेशिया क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंच बनाने का एक प्रभावी प्लेटफॉर्म उपल्बध कराएगा।
दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा न सिर्फ दुबई की शान है, बल्कि यह दुनिया में मानव के विकास की मौन गाथा भी कहती है। दुनियाभर के पर्यटक इसे देखने के लिए आते हैं और देखकर हैरान होते हैं। अब दुबई में बुर्ज खलीफा का फीमेल वर्जन भी बनाया जा रहा है। जानिए इसके बारे में।
ऊंट काफी भारी-भरकम होता है लेकिन कभी आपने ये सोचा है कि ऊंट आसमान में उड़ सकता है। हाल में सोशल मीडिया पर कुछ ऐसी तस्वीरें वायरल हो रही हैं जिसमें एक ऊंट को आकाश में उड़ते हुए देखा जा सकता है।
ILT20 में दुबई कैपिटल्स की टीम ने एक पूर्व खिलाड़ी को कोच बनाया है। कुछ समय पहले ही दुबई कैपिटल्स ने डेविड वॉर्नर को कप्तान घोषित किया था।
महादेव बेटिंग ऐप के प्रोमोटर सौरभ चंद्राकर को दुबई में हाउस अरेस्ट किए जाने की खबर मिल रही है। कहा जा रहा है कि उसे जल्द ही गिरफ्तार कर भारत लाया जाएगा।
दुबई में स्थित शिव मंदिर को अपने स्थान से हटाया जा रहा है। इस संबंध में जब मंदिर में नोटिस लगाया गया, तो लोगों में मायूसी छा गई। 75 साल पुराना यह मंदिर जेबेल अली में शिफ्ट किया जा रहा है।
महादेव ऐप मामले में आरोपी रवि उप्पल को दुबई में हिरासत में लिया गया है। उसे भारत लाने के लिए ईडी जांच एजेंसियों के संपर्क में है। रवि उप्पल के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था।
व्लादिमीर पुतिन वर्ल्ड क्लास नेता हैं। जितने बड़े राष्ट्राध्यक्ष हैं, उनकी जान को भी उतना ही खतरा है। लेकिन उनकी सुपर कार ऐसी है जिस पर बड़े बम धमाके का भी कोई असर नहीं पड़ता है। पुतिन की दुबई विजिट के दौरान उनकी कार खूब चर्चा में रही। जानें इसके फीचर्स।
दुबई में कॉप-28 शिखर सम्मेलन में एक मुद्दे पर चीन भारत के साथ खड़ा नजर आया। कॉप-28 शिखर सम्मेलन में 118 देशों ने कोयले को चरणबद्ध तरीके से बंद करने के समझौते पर हस्ताक्षर किया। जबकि भारत ने इसके साथ अन्य जीवाश्व ईंधनों को बैन करने की मांग की थी। इसलिए हस्ताक्षर नहीं किया। चीन भी साथ रहा।
भारत-फ्रांस के संबंधों में लगातार मधुरता और मजबूती बढ़ रही है। पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मौक्रों काफी अच्छे दोस्त हैं। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दोनों नेता गर्मजोशी के साथ मिलते हैं। दुबई में भी पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात और द्विपक्षीय वार्ता की।
मोदी ने कहा, ‘‘हम एक-दूसरे के साथ सहयोग करेंगे और एक-दूसरे का समर्थन करेंगे। हमें सभी विकासशील देशों को वैश्विक कार्बन बजट में अपना उचित हिस्सा देने की जरूरत है।’’ यदि भारत का सीओपी33 की मेजबानी का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया जाता है, तो यह इस साल की शुरुआत में जी20 के बाद देश में अगला बड़ा वैश्विक सम्मेलन होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुबई में चल जलवायु परिवर्तन पर चल रहे कॉप-28 में सम्मेलन में ग्लोबल साउथ देशों की जोरदार वकातल की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ग्लोबल साउथ के देशों की मांग है कि विकसित देश उन्हें जलवायु परिवर्तन से लड़ने में मदद करें। यह मांग पूरी तरह न्यायोचित है।
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