सत्यनारायण राजू ने कहा कि कर्मचारियों ने पूरे दिल से इस अभियान का समर्थन किया है और वे टॉप लीडरशिप के साथ तालमेल में हैं।
अगर आपने किसी बैंक में अपनी खून-पसीने से कमाए गए पैसों को जमा कर रखा है और वो बैंक बर्बाद हो जाए ऐसे हालातों में आपके पैसों का क्या होगा? ग्राहकों के पैसों को ऐसी परिस्थितियों से सुरक्षा देने के लिए आरबीआई ने कुछ नियम बना रखे हैं।
केंद्रीय बैंक के मुताबिक, कुल सावधि जमा में सात प्रतिशत या उससे अधिक ब्याज दर वाली जमाओं की हिस्सेदारी एक साल पहले के 61. 4 प्रतिशत से बढ़कर दिसंबर 2024 में 70. 8 प्रतिशत हो गई।
भारतीय स्टेट बैंक यानी एसबीआई को इन दोनों डिपोजिट स्कीम पेश करने का फायदा मिलेगा। इससे बैंक का डिपोजिट बढ़ जाएगा। निवेशकों को निवेश के नए प्लेटफॉर्म मिले हैं।
बैंकों ने वित्त वर्ष 2024 में बॉन्ड जारी करने के माध्यम से 1 लाख करोड़ रुपये जुटाए थे, जबकि पिछला सर्वकालिक उच्च स्तर वित्त वर्ष 23 में 1.1 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचा था।
वित्त मंत्री ने पीएम आवास योजना, पीएम सूर्य घर और पीएम विश्वकर्मा योजना सहित सरकार की विभिन्न प्रमुख योजनाओं के कार्यान्वयन में हुई प्रगति की समीक्षा की।
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि ब्याज दरें नियंत्रणमुक्त हैं और अकसर बैंक फंड्स आकर्षित करने के लिए डिपॉजिट रेट्स में बढ़ोतरी करते हैं। शक्तिकांत दास ने कहा, ''बैंक ब्याज दरों पर फैसला लेने के लिए स्वतंत्र हैं।''
पोस्ट ऑफिस में इन दोनों स्कीम में निवेश का विकल्प मिलता है। आप आसानी से यहां अपना अकाउंट ओपन करा सकते हैं। निवेश के तरीके पर आप रिटर्न के आधार पर फैसला ले सकते हैं।
आमतौर पर हम सब ऐसे जगह निवेश करने के बारे में सोचते हैं, जहां से हमें अच्छा रिटर्न मिले, लेकिन हम बहुत सारी स्कीम्स को देख करके कंफ्यूज रहते हैं। ऐसे में आज हम आपको बैंक एफडी और टाइम डिपॉजिट अकाउंट स्कीम्स से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों को बतलाने वाले हैं, जिसके बाद आप सही जगह निवेश कर पायेंगे।
HDFC कई खास तरह की स्कीम लॉन्च करता रहता है, वहीं अब HDFC ने सीनियर्स के लिए बेहतर मुनाफे वाली डायमंड डिपॉजिट स्कीम पेश की है।
बैंकों में आप छह महीने से लेकर दस साल के लिए आरडी खोल सकते हैं। ब्याज दरें पूरी अवधि के दौरान बदलती नहीं है।
बैंक या पोस्ट ऑफिस की इस सेविंग स्कीम का चुनाव कर सकते हैं, जहां बचत के पैसे पर ज्यादा रिटर्न पा सकते हैं।
इस समय 21 ऐसे सहकारी बैंक हैं, जो आरबीआई के स्थगन के तहत हैं। इसलिए इन बैंकों के खाताधारक पिछले महीने पारित कानून के तहत आते हैं।
रिजर्व बैंक ने संकेत दिये हैं कि लिक्विडिटी के ऊपरी स्तरों पर रहने की वजह से जमा पर ब्याज दरों के फिलहाल बढ़ने की संभावना नहीं है।
वित्त मंत्रालय के मुताबिक कुल 43.04 करोड़ खातों में से 36.86 करोड़ यानी 85.6 प्रतिशत खाते सक्रिय है और इनमें प्रति खाता औसत जमा राशि 3,398 रुपये है।
स्विस बैंकों में भारतीय ग्राहकों का फंड 2019 के अंत में 89.9 करोड स्विस फ्रैंक (6,625 करोड़ रुपये) था। यह 2020 में बढ़कर 2.55 अरब स्विस फ्रैंक (20,700 करोड़ रुपये) पर पहुंच गया।
यदि कैश एक्सेप्टर/रिसाइकलर मशीन में एक माह में 10,000 रुपए से अधिक की राशि जमा करने पर, चाहे यह एक बार में हो या कई बार में, बैंक तब भी सुविधा शुल्क वसूलेंगे।
बैंक ऑफ बड़ौदा ने चालू खाते, कैश क्रेडिट लिमिट और ओवरड्राफ्ट एकाउंट से जमा-निकासी के अलग और बचत खाते से जमा-निकासी के अलग-अलग शुल्क निर्धारित किए हैं।
वाहन के लिये कर्ज वृद्धि पिछले साल के 4.9 प्रतिशत के मुकाबले बढ़कर 8.1 प्रतिशत रही है। वहीं सेवा क्षेत्र और कृषि क्षेत्र के कर्ज में पहले के मुकाबले बेहतर बढ़त देखने को मिली है।
बैंक कर्ज 28 अगस्त को समाप्त पखवाड़े में सालाना आधार पर 5.49 प्रतिशत बढ़कर 102.11 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया जबकि बैंक जमा 10.92 प्रतिशत बढ़कर 141.76 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर रहा है।
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